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मेरी दृष्टि में भरत व्यास

वी.शान्ताराम
अभिनन्दन ग्रंथ भेंट -
मुझे वास्तव में यह जानकार प्रसन्नता हुई कि सुप्रसिद्ध कवि एवं गीतकार श्री भरत व्यास को उनकी साहित्यिक सांस्कृतिक एवं बौद्धिक कार्यविधि को मान्यता देने के लिए एक अभिनन्दन गं*थ भेंट करने का निश्चय किया गया है।
चिर एवं अविच्छिन्न साथ
मैं काफी अरसे से श्री भरत व्यास से घनिष्ठ रूप से परिचित हूँ। इसके पूर्व मैं उनके बारे में तथा उनके काम के सम्बन्ध में सुन चुका था। उनकी उत्कृष्ट रचनाओं से मैं पुलकित हो जाता एवं व्याकुल रहता था कि वह अवसर कब आएगा जब मैं और श्री भरत व्यास घनिष्ठता में कार्य में एक साथ रत हो सकेंगे। इस सुअवसर को आने में देर नहीं लगी। यह एक आरम्भिक मुलाकात थी, जिसने चिर एवं अविच्छिन्न साथ की नींव डाल दी।
शक्तिशाली व्यक्तित्व
मेरा कहना गलत न होग, यदि मैं कहूं कि श्री भरत व्यास, जिनकी प्रतिभा, साहित्य, ज्ञान, संगीत एवं संस्कृति की ओर से समान ओजस्विता से बहती है एवं जिस पर उनके शक्तिशाली व्यक्तित्व की छाप है, जो भारतीय विचारधारा, भारतीय दृष्टिकोण एवं भारतीय पृष्ठभूमि से परिपूर्ण है, उनके अनेक भक्तों में से मैं एक हूँ। इसलिए वे शिक्षित एवं अशिक्षितों से, गरीब एवं अमीरों से, सभी उम्र की स्त्रियों एवं पुरुषों से प्यार एवं आदर प्राप्त करते हैं।
कामना करता हूँ
साहित्य एवं कला के विभिन्न क्षेत्रों में किए गए तथा इस भूमि के सांस्कृतिक खजाने को भरने के लिए किए गए निरन्तर कार्यों के लिए श्री भरत व्यास आने वाली पीढियों तक स्मरण किए जाएँगे। मैं उनके चिरायु होने की एवं सुन्दर स्वास्थ्य की कामना करता हूँ ताकि वे साहित्य की निरन्तर सेवा कर सकें।
(भरत व्यास अभिनन्दन ग्रन्थ से साभार)