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रिपोर्ट

हेमवतीनन्दन बहुगुणा की जीवनी का लोकार्पण।
माननीय उपराष्ट्रपति द्वारा स्वाधीनता सेनानी तथा राजनेता स्वर्गीय हेमवती नन्दन बहुगुणा की जीवनी का लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा कि हमारी नई युवा पीढी को अनजान स्वाधीनता सेनानियों के त्याग और तपस्या से परिचित कराया जाना जरूरी है। बहुगुणा जी को गाँधीवादी विचारों प्रेरित बताते हुए, उपराष्ट्रपति ने देश में आपातकाल लगाने के विरुद्ध उनके विरोध की सराहना की। छात्र जीवन से ही उनके संवेदनशील स्वभाव की चर्चा करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि वे स्कूल के दिनों में भी गरीब बच्चों के लिए आवाज उठाते थे और उन्हें मदद करते थे। उनके मुख्यमंत्रित्व काल में अनुसूचित जातियों और जनजातियों के किसानों को भूमि वितरित करने में, देश भर में उत्तर प्रदेश का पहला स्थान रहा। उनकी उपलब्धि से प्रसन्न हो कर विनोबा जी ने उन्हें मिट्टी नंदन की उपाधि दी थी। कार्यक्रम में अति विशिष्ठ अतिथि के रूप माननीय रक्षा मंत्री श्री राजनाथसिंहजी और उत्तराखण्ड के माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्करसिंह धामीजी उपस्थित रहे। पुस्तक लोकार्पण हेतु बहुगुणा जी के सुपुत्र श्री विजय बहुगुणा जी और वाणी प्रकाशन ग्रुप के चेयरमैन व प्रबन्ध निदेशक श्री अरुण माहेश्वरी जी मंचस्थ रहे। कार्यक्रम का संचालन वाणी प्रकाशन ग्रुप की कार्यकारी निदेशक अदिति माहेश्वरी-गोयल द्वारा किया गया।
रीता बहुगुणा जोशी और राम नरेश त्रिपाठी द्वारा लिखित राष्ट्रीय नेता और उत्तराखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमवती नंदन बहुगुणा की आधिकारिक जीवनी है। हिन्दी और अंग्रेजी में वाणी प्रकाशन ग्रुप द्वारा प्रकाशित दोनों पुस्तकों का लोकार्पण आज माननीय उपराष्ट्रपति जी के निवास पर सरदार वल्लभ भाई पटेल सभागार में हुआ। कार्यऋम में अति विशिष्ठ अतिथि के रूप माननीय रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह जी और उत्तराखंड के माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी उपस्थित रहे। पुस्तक लोकार्पण हेतु बहुगुणा जी के सुपुत्र श्री विजय बहुगुणा जी और वाणी प्रकाशन ग्रुप के चेयरमैन व प्रबंध निदेशक श्री अरुण माहेश्वरी जी मंचस्थ रहे। कार्यऋम का संचालन वाणी प्रकाशन ग्रुप की कार्यकारी निदेशक अदिति माहेश्वरी-गोयल द्वारा किया गया।
-दीपा
भाषा एक सराय है, ठहरते हैं जिसमें शब्द..
बीकानेर 16 मई, 2022। भाषा एक सराय है, ठहरते हैं जिसमें शब्द... जैसी काव्य उक्तियों और मथेरण एवं सुनहरी कला, माडर्न आर्ट और वाईल्डलाईफ फोटोग्राफी के आकर्षक चित्रों के माध्यम से सुख्यात साहित्यकार, लोकअध्येता एवं संस्कृतिवेत्ता कीर्तिशेष डॉ.श्रीलाल मोहता श्रद्धासिक्त भावांजलि अर्पित की गई।
अवसर था - बीकानेर प्रौढ शिक्षण समिति, प्रज्ञा परिवृत्त, परम्परा एवं उरमूल सीमांत के सह-आयोजन में कीर्तिशेष डॉ.मोहता की प्रथम पूण्यतिथि स्थानीय प्रौढ शिक्षा भवन परिसर में आज दिनांक 16 मई, 2022 को चित्रप्रदर्शनी एवं एकल काव्यपाठ के आयोजन का।
इस अवसर पर एकल काव्यपाठ करते हुए डॉ.ब्रजरतन जोशी ने अपनी सद्यरचित चुनिंदा कविताओं का पाठ कर आगंतुकों की खूब आशिषें लीं। डॉ.जोशी ने अपने काव्य संकलन में से जीवन, भाषा, पहाड, प्रकृति जैसे विषयों पर राख केवल राख नहीं है प्रमाण आग का/ हम सशर्त स्वीकारते हैं जीवन, जबकि घटित होना जीवन का बेशर्त है/ जब भी मांडने बैठता हूं तुम्हारी याद, रंग हो जाते हैं चिडिया और शब्द हो जाते हैं गंध/ सब कुछ स्वीकारा है इसलिए कि तुमने बनाया है/ प्रेम लिखते ही भीग जाते हैं शब्दकोश के सारे शब्द.. जैसी गहरी अनुभूतियों से रची-बसी सद्यरचित कविताएँ सुनाई
प्रथम सत्र में मथेरण कला एवं सुनहरी नक्काशी के चित्रकार श्री रामकुमार भादाणी, मॉडर्न आर्टिस्ट श्री मालचंद पारीक एवं वाईल्डलाईफ फोटोग्राफर श्री सिद्धार्थ कुलरिया के चुनिंदा चित्रों की प्रदर्शनी का आयोजन किया गया।
आयोजन के सान्निध्य उद्बोधन में वरिष्ठ पत्रकार सरल विशारद ने कहा कि डॉ.मोहता एक मुकम्मल व्यक्तित्व थे। डॉ.मोहता की क्रियाशीलता को जीवन्त रखना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
डॉ.ओम कुवेरा ने कहा कि डॉ.मोहता तो लोककला के जौहरी थे वे नवकलाकारों को सहज ही मंच व अवसर प्रदान कर दिया करते थे। उनकी इस प्रतिभा से आगे चलकर पूरा शहर गौरव प्राप्त करता था।
इसी क्रम में अविनाश भार्गव ने सतत शिक्षा कार्यक्रमों, लोकजुंबिश परियोजना, जन शिक्षण संस्थान परियोजना आदि के माध्यम से डॉ. मोहता के प्रौढ शिक्षा क्षेत्र में दिए गए उल्लेखनीय अवदान को अभिव्यक्त किया।
श्रीमती सुशीला ओझा ने कहा कि डॉ.मोहता के परिजन के साथ शहर भर में विभिन्न रचनाकार, कलाकार और विभिन्न संस्थानिक कायकर्ता भी उनके विशिष्ट परिवारजन हैं।
कार्यक्रम में प्रभावी संचालन ज्योतिप्रकाश रंगा द्वारा किया गया। प्रज्ञा परिवृत के अध्यक्ष श्री ओम सोनी द्वारा आगंतुकों के प्रति आभार स्वीकार किया गया।
उल्लेखनीय है कि पूण्यतिथि की पूर्वसंध्या पर स्थानीय धरणीधर महादेव मंदिर परिसर में श्रद्धांजलि सभा एवं भजन संध्या का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पर्यावरण संवर्द्धधन हेतु सामूहिक वृक्षारोपण किया गया और दूसरे सत्र में श्रद्धांजलि सभा के तहत शहर के प्रबुद्धजन की ओर से डॉ.मोहता के प्रति श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। तत्पश्चात् भजन संध्या में साधक पं.केशव शर्मा एवं युवागायिका सुश्री तोषिका लाटा ने अपनी विशिष्ट शैली में भजन-वाणियों की मनमोहक प्रस्तुति दी।